स्वच्छ भारत
भारत आज एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है। परन्तु आज भी हम स्वच्छता से बहुत दूर है। आज सरकार द्वारा कई योजनाएं चलायी जा रही है। स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गयी ,परन्तु उसका बहुत अधिक सफल न होने का कारण भी हम ही है। सफाई आज की बहुत जरुरी है।
हम चाहें तो राष्ट्र को स्वच्छ बनाना कुछ कठिन नही है ,यदि हम ठान ले तो हमारा भी देश साफ़ हो सकता है।
1.कचरा यहाँ वहाँ न फेकें।
2.खुद भी करें और दूसरों को जागरूक करें।
3.अपने घर के बाहर एक एक कूड़ादान अवश्य रखे रखें।
4.दीवारों पर कुछ भी गन्दा न लिखें।
गन्दगी का बड़ा कारण
गन्दगी का कारण सोचें तो कुछ बड़ा नहीं है , उसका कारण हम ही है।.. . . .
हमने अपने बड़ों से सीखा और अब अपने छोटों को दे रहें।
चॉकलेट खा के रैपर कहीं भी फेकना
फल खा कर छिलका कहीं भी फेंक देना
गाड़ी पर बैठ कर कचरा बाहर फेकना किसने सिखाया।
यहाँ वहाँ थूकना भी गन्दगी ही होती है।
निवारण भी जरुरी है
अभिभावकों से अनुरोध है की अपने बच्चों को सिखाये की कचरा हमेशा कूड़ेदान में ही डालें।
अच्छी आदते सिखाएं।
आपका एक कदम राष्ट्र को स्वच्छ और सशक्त बनाने में मदद क्र सकता है।
कुछ विशेष
ऐसा नहीं है की भारत जागरूक नहीं है कई लोग और संस्थाएं कर भी रही है पर क्या सिर्फ उनका करना ही काफी है या सिर्फ उन्ही का कर्त्तव्य है
देश का नागरिक होने के नाते क्या हमारा दायित्वा नहीं बनता। क्या यह हमारा देश नहीं है।
बाहर से आ कर विदेशों की तारीफें करना आसान होता अच्छा लगता है तो क्या कोई भारत की तारीफ करे हम कुछ ऐसा नहीं कर सकते।
नेताओ का क्या भरोसा पर आप तो कर सकते है अपना मोहल्ला ,अपनी गली अपने सार्वजनिक स्थल जिन्हे हम साफ रख सकते है , कम से कम ये तो कर ही सकते हैं। तो कसम खाइये की अब से आप स्वच्छता के सभी नियम अपनाएंगे









